मुख्यपृष्ठ

आचार्य महाप्रज्ञ के जीवन का रहस्य (Secrets of the life of Acharya Mahapragya)

आचार्य महाप्रज्ञ के जीवन का रहस्य (Secrets of the life of Acharya Mahapragya)

आचार्य महाप्रज्ञ के जीवन का रहस्य (Secrets of the life of Acharya Mahapragya)अनेकांत का दृष्टिकोण : भाग्य मानूँ या नियति? सबसे पहली बात-मुझे जिन शासन मिला, जिन शासन का अर्थ – अनेकांत का दृष्टिकोण मिला, मैंने अनेकांत को जिया है, यदि अनेकांत का दृष्टिकोण नहीं होता तो शायद कहीं न कहीं दल-दल में पँâस जाता।मुझे प्रसंग याद है कि दिगम्बर समाज के प्रमुख विद्वान वैâलाशचंद्र शास्त्री आए, उस समय पूज्य गुरूदेव कानपुर में प्रवास कर रहे थे। मेरा ग्रंथ ‘जैन दर्शन, मनन और मीमांसा’ प्रकाशित हो चुका था, पंडित वैâलाशचंद्र शास्त्री ने कहा- मुनि नथमलजी ने श्वेताम्बर-दिगम्बर परंपरा के बारे ...
जन्म दिवस के पावन अवसर पर आचार्य श्री महाप्रज्ञ का जीवन दर्शन प्रस्तुत(Acharya Shri Mahapragya)

जन्म दिवस के पावन अवसर पर आचार्य श्री महाप्रज्ञ का जीवन दर्शन प्रस्तुत(Acharya Shri Mahapragya)

जन्म दिवस के पावन अवसर पर आचार्य श्री महाप्रज्ञ का जीवन दर्शन प्रस्तुत (Presenting the life of Acharya Shri Mahapragya on the auspicious occasion of his birthday.)जन्म : राजस्थान प्रान्त के झुँझुनुँ जिला, टमकोर (विष्णुगढ़) नामक गाँव, विक्रम संवत् १९७७, आषाढ़ कृष्णा त्रयोदशी (१४ जून १९२०) का दिन, गोधूली वेला, १७.०९ बजे, स्थानिक समय सायं लगभग १६.४० बजे, सोमवार, वृश्चिक राशि, कृत्तिका नक्षत्र में श्रीमती बालूजी ने खुले आकाश में एक पुत्ररत्न को जन्म दिया।चोर आ गया : जब बालक का जन्म हुआ, उसकी बुआ जड़ावबाई ने छत पर चढ़कर जोर से शोर मचाया- ‘चोर आ गया’, उनकी आवाज सुनकर ...
स्वर्गीय श्रीमती कमलावंती जैन जी की दूसरी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि(tribute on the second death anniversary of Late Smt. Kamalavanti Jain ji)

स्वर्गीय श्रीमती कमलावंती जैन जी की दूसरी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि(tribute on the second death anniversary of Late Smt. Kamalavanti Jain ji)

स्वर्गीय श्रीमती कमलावंती जैन जी की दूसरी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि(tribute on the second death anniversary of Late Smt. Kamalavanti Jain ji) प्यार को निराकार से साकार होने का मन हुआ, तो इस धरती पर माँ का सृजन हुआ धर्मनिष्ठ स्वर्गीय धर्मप्रकाश जैन जी (अंबाला वालों) की धर्मपत्नी तथा ड्यूक फैशन्स इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन और जीतो के चीफ मैंटर कोमल कुमार जैन, नेवा गारमेंट्स प्रा.लि. के चेयरमैन निर्मल जैन, वीनस गारमेंट्स के अनिल जैन की माता वयोवृद्ध सुश्राविका स्व. श्रीमति कमलावंती जैन जी(२९.०५.२०१९) के दिन अपनी सांसारिक यात्रा पूर्ण कर प्रभु चरणों में विलीन हो गई थी।२९.०५.२०२१ को उनकी दूसरी ...
युग प्रवर्तक गुरु श्री विजयानंद महाराज जी १२५वें (१८९६-२०२१) स्वर्गारोहण वर्ष पर विशेष(Guru Shree Vijayanand Maharaj Ji 125th (1896-2021) )

युग प्रवर्तक गुरु श्री विजयानंद महाराज जी १२५वें (१८९६-२०२१) स्वर्गारोहण वर्ष पर विशेष(Guru Shree Vijayanand Maharaj Ji 125th (1896-2021) )

युग प्रवर्तक गुरु श्री विजयानंद महाराज जी १२५वें (१८९६-२०२१) स्वर्गारोहण वर्ष पर विशेष(Guru Shree Vijayanand Maharaj Ji 125th (1896-2021) ) युग प्रवर्तक गुरु श्री विजयानंद महाराज जी १२५वें (१८९६-२०२१) स्वर्गारोहण वर्ष पर विशेष(Guru Shree Vijayanand Maharaj Ji 125th (1896-2021) ):‘‘जीवन गाथा तुम्हें सुनाए, श्री गुरु आत्माराम कीआत्म रस को देने वालेविजयानंद महाराज की..’’ जिस भारत की भूमि पर देवतागण भी जन्म लेने को आतुर रहते हैं, उसी पुण्य भूमि पर समय-समय पर अनेक महापुरुषों का अवतरण हुआ है, जिन्होंने निजी स्वार्थ व प्रलोभनों को समाज एवं मानव मात्र के कल्याण के लिए त्याग दिया। ऐसी ही एक कड़ी में भारतीय संस्कृति ...
मानवसेवा के मसीहा आचार्य श्री ऋशभचन्द्रसूरि को स्थानीय पुलिस प्रशासन ने पूरे सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई मंत्री श्री ओम सकलेचा एवं मंत्री राजवर्धनसिंह दत्तीगांव की विशेष उपस्थिति में

मानवसेवा के मसीहा आचार्य श्री ऋशभचन्द्रसूरि को स्थानीय पुलिस प्रशासन ने पूरे सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई मंत्री श्री ओम सकलेचा एवं मंत्री राजवर्धनसिंह दत्तीगांव की विशेष उपस्थिति में

मानवसेवा के मसीहा आचार्य श्री ऋशभचन्द्रसूरि को स्थानीय पुलिस प्रशासन ने पूरे सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई मंत्री श्री ओम सकलेचा एवं मंत्री राजवर्धनसिंह दत्तीगांव की विशेष उपस्थिति में राजगढ़ (धार) ०४ जून २०२१। श्री आदिनाथ राजेन्द्र जैन श्वे. पेढ़ी ट्रस्ट श्री मोहनखेड़ा तीर्थ द्वारा वरिष्ठ कार्यदक्ष मुनिराज श्री पीयूषचन्द्रविजयजी म.सा. की पावनतम निश्रा में अपने गुरु को मुनिराज श्री रजतचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री चन्द्रयशविजयजी म.सा., मुनिराज श्री पुष्पेन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री निलेशचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री रुपेन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री वैराग्ययशविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जिनचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जीतचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जनकचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जिनभद्रविजयजी म.सा. एवं ...